नई दिल्ली: डिजिटल मीडिया के तेजी से बढ़ते प्रभाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सोमवार को सूचना और प्रसारण मंत्रालय (I&B Ministry) ने डिजिटल न्यूज़ पोर्टल्स, ओटीटी प्लेटफॉर्म्स और सोशल मीडिया के लिए एक नई व्यापक नीति (New Digital Media Policy 2026) का ऐलान किया है।
नीति के मुख्य बिंदु
इस नई नीति का मुख्य उद्देश्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर परोसी जा रही खबरों की सत्यता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। मंत्रालय के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में फेक न्यूज़ (Fake News) एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है, जिससे निपटने के लिए यह कदम उठाना आवश्यक था।
- • सभी डिजिटल न्यूज़ पब्लिशर्स को अब एक केंद्रीय पोर्टल पर पंजीकरण करना अनिवार्य होगा।
- • संपादकीय जिम्मेदारी (Editorial Responsibility) को तय करने के लिए एक त्रि-स्तरीय शिकायत निवारण तंत्र (Grievance Redressal Mechanism) स्थापित किया जाएगा।
- • विदेशी निवेश (FDI) के नियमों में भी कुछ आंशिक बदलाव किए गए हैं।
मीडिया जगत की प्रतिक्रिया
इस नीति के ऐलान के बाद मीडिया जगत से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कई वरिष्ठ पत्रकारों ने इसका स्वागत करते हुए कहा है कि इससे गैर-जिम्मेदार पोर्टल पर लगाम लगेगी। वहीं, कुछ डिजिटल अधिकार कार्यकर्ताओं ने चिंता जताई है कि इसका इस्तेमाल अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता (Freedom of Speech) को सीमित करने के लिए किया जा सकता है।
आने वाले हफ्तों में इस नीति के ड्राफ्ट पर जनता और स्टेकहोल्डर्स से राय मांगी जाएगी, जिसके बाद इसे संसद के शीतकालीन सत्र में पेश किया जा सकता है।